इस वर्ष पृथ्वी पर कुल तीन ग्रहण दिखाई देगें. इन तीनों में से भारत में केवल एक कंकण सूर्यग्रहण ही दृश्य होगा. अन्य तीन ग्रहण अदृश्य रहेगें. यह ग्रहण ज्येष्ठ माह की अमावस्या को मंगलवार के दिन पड़ेगा. यह कंकण सूर्यग्रहण भारत में 20/ 21 की रात्रि से आरम्भ होगा और सुबह सूर्योदय के समय केवल भारत के पूर्वोत्तरी क्षेत्रों में कुछ समय के लिए ही दिखाई देगा. ग्रहण का आरम्भ 20/21 मई की रात्रि में 02:26 बजे से होगा. ग्रहण की समाप्ति 21 मई की सुबह 08:19 बजे पर होगी.
यह ग्रहण वृष राशि तथा कृतिका नक्षत्र में घटित होगा. | Moon will be transiting in Taurus sign in Kritika Nakshatra
ग्रहण का विवरण
ग्रहण का आरम्भ 26:26 (02:26) बजे से
कंकण आरम्भ 03:37 बजे से
ग्रहण का परमग्रास 05:23 बजे
कंकण समाप्त 07:08 बजे
ग्रहण की समाप्ति 08:19 पर
ग्रहण से प्रभावित देश | Affected countries in the world
यह ग्रहण चीन, रुस, दक्षिणी पूर्वी एशिया, फिलिपींस, इण्डोनेशिया, थाईलैण्ड, वियतनाम, सिंगापुर तथा उत्तरी अमेरीका में दिखाई देगा. इसकी कंकणाकृति पूर्वी एशिया के अधिकतर देशों में ही दिखाई देगी.
भारत में ग्रहण से प्रभावित क्षेत्र | Affected areas of India
भारत के पूर्वी क्षेत्र - अरुणाचल प्रदेश, आसाम, त्रिपुरा, मेघालय, मिजोरम, नागालैण्ड, मणिपुर, सिक्किम और पश्चिमी बंगाल के उत्तर पूर्वी भागों में यह ग्रहण दिखाई देगा. इन भागों में इस ग्रहण का केवल मोक्ष ही दिखाई देगा.
ग्रहण का सूतक काल | Sutak Kal of the Grahan
भारत में जिन भागों में यह ग्रहण दिखाई देगा, केवल उन्हीं भागों में इसके सूतक पर विचार किया जाएगा. इस दिन ग्रहण का सूतक स्थानीय सूर्योदय से 12 घण्टे पहले 20 मई से ही आरम्भ हो जाएगा. 20 मई को यह सूतक शाम 4 बजकर 30 मिनट से से आरम्भ हो जाएगा. यदि किसी को सूतक का समय जानना है तब उस स्थान के सूर्योदय से 12 घण्टे पहले का समय लेकर जान सकता है.
ग्रहण के समय जाप तथा दान | Donations and charity at the time of eclipse
जिन भागों में ग्रहण दिखाई देगा केवल उन्हीं भागों में दान, जाप तथा स्नान आदि का माहात्म्य माना जाता है. सूतक तथा ग्रहण के समय सभी व्यक्तियों को अपने-अपने ईष्टदेव का स्मरण करना चाहिए. जिन्हें अपने ईष्टदेव का नहीं पता है वह अपने पारीवारिक रीति रिवाजों के अनुसार ईश्वर का ध्यान कर सकते हैं. पूजन, जाप, हवन, तर्पण, पाठ, दान आदि कार्य ग्रहण समय तथा सूतक समय में किए जा सकते हैं.
ग्रहण के बाद स्नान करना और दानादि करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है. व्यक्ति का कल्याण होता है
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Surya Grahan, Annular Solar Eclipse, will take place on May 21, 2012 inIndia early morning hours in northeastern parts of India. According to NASA, the Surya Grahan is a Annular solar eclipse and is visible in northeastern parts of India, Myanmar, Japan, Korea and on the evening of May 20, 2012 along the pacific coast of United States. The Suryagrahan will be taking place in northeastern parts of India between 4:36 AM on May 21 to 4:50 AM on May 21, 2012 (early morning).









